टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा को कैश फॉर क्वेरी मामले में शुक्रवार (8 दिसंबर) को लोकसभा से निष्कासित कर दिया गया
संसद की एथिक्स कमेटी की रिपोर्ट आज सदन में पेश की गई जिसके बाद यह फैसला लिया गया
एक बैंकर से तृणमूल कांग्रेस नेत्री बनी महुआ मोइत्रा 2019 के लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल की कृष्णानगर सीट से जीतकर संसद पहुंची थी
महुआ मोइत्रा ने सदस्यता रद्द होने के बाद यह स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई अभी जारी रहेगी
महुआ मोइत्रा ने कहा कि मैं 49 साल की हूं, मैं अगले 30 साल तक संसद के अंदर और संसद के बाहर आपसे लड़ती रहूंगी
महुआ मोइत्रा तेजतर्रार नेताओं में से एक हैं, वह लगातार सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अख्तियार करने के लिए जानी जाती हैं
महुआ मोइत्रा तेज अंग्रेजी के साथ कड़े शब्दों का इस्तेमाल करती हैं, साथ ही उनके परिधान हमेशा सुर्खियों में बने रहते हैं
महुआ मोइत्रा का जन्म असम में बंगाली हिंदू परिवार में हुआ, शुरुआती जीवन उनका असम और कोलकाता में बीता इसके बाद वह अमेरिका चली गईं
साल 2010 में वह तृणमूल कांग्रेस के साथ जुड़ गईं और समय के साथ-साथ उनका कद लगातार बढ़ता चला गया, उन्होंने कांग्रेस से अपने राजनीतिक करियर की उन्होंने शुरुआत की थी