मशहूर हास्य अभिनेता जूनियर महमूद का पेट के कैंसर के कारण 67 वर्ष की आयु में 8 दिसंबर 2023 को परेल , मुंबई मे निधन हो गया

जूनियर महमूद का जन्म 15 नवंबर 1956 को बॉम्बे (अब मुंबई, महाराष्ट्र ) हुआ था, उनकी दो बहनें और तीन भाई हैं। बड़े भाई फिल्म सेट पर स्टिल फोटोग्राफी करते थे

जॉनी वॉकर अभिनीत बंद पड़ी फिल्म 'कितना नाज़ुक हैं दिल' के लिये जूनियर महमूद की प्रतिभा पहचानकर निर्देशक ने उन्हें पहला मौके दिया था 

जूनियर महमूद अपने समय के एक लोकप्रिय बाल कलाकार थे, वे अभिनेता के अलावा फ़िल्म निर्देशक, निर्माता और गायक भी थे 

उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी. पी. सिप्पी की 'ब्रम्हाचारी' (1968) से की, जिसके लिए उन्हें फिल्मफेयर पुरस्कार मिला

वर्ष 1972 मे उन्हें बी नागिरेड्डी की 'घर घर की कहानी' के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया था

एक बार अभिनेता महमूद की जन्मदिन पार्टी में नईम सैयद ने लुंगी पहनकर 'हम काले हैं तो क्या हुआ दिलवाले है' गाने पर डांस किया तभी महमूद ने उन्हें 'जूनियर महमूद' की उपाधि दी

जूनियर महमूद एक कार्यक्रम आयोजक (Event Manager) के रूप में भी जाना जाता है, वह कार्यक्रम, कॉमेडी शो, स्टार नाइट्स, पार्टियां आदि आयोजित करते थे 

उनका असली नाम मोहम्मद नईम सईद है उन्होंने नईमा सैयद से शादी की और उनके दो बच्चे हसनैन सैयद एक लेखक और संगीत प्रबंधक और हसनरफी सैयद हैं

उन्होंने 7 अलग-अलग भाषाओं में 265 फिल्मों में अभिनय किया है, जूनियर महमूद ने 6 मराठी फिल्मों का निर्माण और निर्देशन भी किया है 

इलाज के दौरान अभिनेता महमूद ने अपने पुराने दोस्तों दिग्गज अभिनेता जितेंद्र और सचिन पिलगांवकर से मिलने की इच्छा जताई थी, दोनों जूनियर महमूद से मिलने अस्पताल पहुंचे थे

उन्होंने कई मराठी फिल्मों का निर्देशन किया था.  उन्होंने कई सफल फिल्मों का निर्देशन और निर्माण किया, जिनमें "धूम धड़ाका," "आगा बाई अर्रेचा!" और "साडे माडे तीन।"

'ब्रह्मचारी', 'हाथी मेरे साथी', 'आन मिलो सजना', 'दो जानवर', 'कटी पतंग', 'हरे राम हरे कृष्णा', 'जौहर महमूद इन हांगकांग', 'बॉम्बे टू गोवा', 'गुरु और' 'चेला' फिल्में बेहद लोकप्रिय रहीं।

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