“काबिल बनो – सफलता झकमारकर पीछे आयेगी” लेकिन आज-कल की शिक्षा आपको काबिल नहीं बनाती। Life मे आपको Success आपकी काबिलियत दिलाती है ना कि शिक्षा, लेकिन आपको बचपन से सिखाया गया है कि “पढ़ोगे लिखोगे बनोगे नवाब” पढ़-लिखकर आप नौकर जरूर बन सकते हो जो अपने और अपनों के भरण पोषण के लिये, हमेशा दूसरों का हुक्म बजाता है।
आप Life को दो तरह से जी सकते हैं। एक- अपनी मर्जी से “एक राजा की तरह” जो औरों से सलाह तो लेता है पर करता वही है जो वो जानता है। दूसरी- “प्रजा की तरह” जो दूसरों का आदेश व सलाह मानने को मजबूर होते हैं। ये आपको Choose करना है कि आपकी Life कैसी होगी? “औरों के इशारों पर गुलामों सा जीवन तो (आपके आस-पास) Almost सभी जी रहे हैं, ऐसी Life जीना है तो जैसा आपकी Life मे अभी चल रहा है, चलने दो। “काबिल बनो – सफलता झकमारकर पीछे आयेगी” आपको राजा की तरह बनना और जीना सिखाती है।
कहीं मैंने एक Joke पढ़ा था – अकलबरी के सवाल पर एक बच्चा कहता है – पढ़ा-लिखाकर मेरे माता-पिता मुझे अकबर का दरबारी बनाना चाहते हैं लेकिन मै अनपढ़ रहकर अकबर बनना चाहता हूँ।
My dear Students – काबिल बनो
“Every Child is Unique” ये आपने बहुत बार सुना होगा लेकिन कभी सोचा कि फिर तुम आम क्यों रह गए? दुनिया के हर सफल इंसान मे एक बात common है, उन्होंने अपनी Uniqueness को जाना और वो काबिल बने, यही उनकी सफलता का राज है। जीवन मे काबिल बन सफलता हासिल करने के लिए अपनी Unique quality को जानना बहुत जरूरी है लेकिन हमारा दुर्भाग्य कि आज तक हम कोई ऐसी विधि (Method) ईजाद नहीं कर पाए जिससे हर बच्चे की Uniqueness को जाना जा सके।
इसी तरह बच्चों की Life मे आने वाली समस्याओं के प्रति हमारा समाज निरंकुश (autocratic) है, हम बच्चों से अपेक्षाएं (Expectations) तो असीमित (Unlimited) करते हैं पर उनकी परेशानियों (Difficulties) को नजरअंदाज करते हैं या “खुद लड़ो और सीखो” जैसे जुमलों के साथ उन्हे समस्याओं के साथ तन्हा छोड़ देते हैं, यहाँ एक बात गौर करने वाली है, ये समस्यायें पीढ़ी दर पीढ़ी चली या रही हैं लेकिन हम उनका Permanent solution आज तक नहीं ढूंढ पाये, जैसे बच्चों का पढ़ाई मे मन क्यों नहीं लगता? एक Class मे Same facilities होते हुये भी बच्चों के Results मे इतना Variation क्यों होता है? पढ़ाई के बाद हर बच्चा नौकरी (Job) या व्यवसाय (Business or Profession) के काबिल क्यों नहीं बन पाता? बच्चे पढ़ाई मे Interest क्यों नहीं लेते? बच्चे Exam मे पढ़ा-लिखा क्यों भूल जाते हैं? पढे-लिखे लोग अक्सर अनपढ़ों के हुकूम बजाने को क्यों बाध्य होते हैं? बच्चा पढ़कर काबिल क्यों नहीं बन पाता?
Parents are you aware?
अपने बच्चों को महंगी से महंगी शिक्षा दिलाकर हर माँ-बाप सोचते हैं कि पढ़ाई के बाद उनका बच्चा काबिल बन जायेगा, उसकी Life set हो जायेगी और इसी मुगालते (गलत फहमी) मे वे अपनी Life मे बहुत से Compromise करते हुये, अपनी खून-पसीने की कमाई और बच्चों के सुनहरे जीवन के 20-22 साल बर्बाद कर देते हैं, इतना सबकुछ खोने के बाद भी जब उनका बच्चा बेरोजगार रह जाता है तब भी वे खुद को और System को दोषी ना मानकर, अपने बच्चे को ही नालायक ठहराते हैं।
ये वे ही माता-पिता हैं जो इसी Education System की वजह से खुद काबिल नहीं बन सके और उनका Career नहीं बन पाने के कारण System को कोसते थे और अपने माता-पिता को अपने भविष्य से खेलने के लिये जिम्मेदार ठहराते थे लेकिन जैसे ही ये माता-पिता बनते हैं, भूल जाते हैं कि उनके साथ क्या हुआ था? सदियों से हर माता-पिता यही भूल दोहराते आ रहे हैं।
काबिल बनो – सफलता झकमारकर पीछे आयेगी
अब ऐसे मे बच्चे करें तो क्या करें? और Parents अपने बच्चों को सही शिक्षा कैसे दिलाये? बच्चे और Parents कैसे इस चक्रव्यूह से बाहर निकलेंगे? Education mafia के चंगुल से कौन उन्हे बचाएगा? बच्चों को किस तरह की शिक्षा दी जानी चाहिये? Educational life मे बच्चे, उनके सामने आने वाली कठनाइयों से कैसे निपट सकते हैं? Parents उनकी तकलीफों को कैसे जान सकते हैं? पढ़ाई के बाद बच्चों का Career कैसे Secure हो सकता है? ऐसे कई सवालों का जवाब है “काबिल बनो – सफलता झकमारकर पीछे आयेगी” इस Book मे।
You are destroying everything with your hands
पढ़ाई के नाम पर आज-कल Well organized तरीके से जो लूटमार चल रही है उससे ना सिर्फ Parents का पैसा और बच्चों का जीवन बर्बाद हो रहा है बल्कि पारिवारिक रिश्तों मे वैमनस्यता और कटुता भी बढ़ रही है, ये आपको ऐसे समझ नहीं आयेगा लेकिन जब आप “काबिल बनो – सफलता झकमारकर पीछे आयेगी” पढ़ोगे तो जान पाओगे।
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8 thoughts on “काबिल बनो सफलता झकमारकर पीछे आयेगी – Be Capable”