Parliament Attack क्या हुआ?

Parliament Attack 2023 – लोकसभा मे चल रही कार्यवाही के बीच उस वक्त हड़कंप मच गया जब दर्शक दीर्घा से दो लोग सदन के भीतर कूद पड़े, जिसके बाद लोकसभा की कार्यवाही अचानक दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। इनमें से एक लड़का मेज पर भागते हुए स्पीकर की कुर्सी की तरफ़ बढ़ने लगा, भागते हुए एक शख्स ने अपने जूते से निकालकर पीले रंग की गैस स्प्रे कर दी, इस दौरान संसद में अफरा-तफरी मच गई। वहाँ मौजूद सुरक्षाकर्मियों और कुछ सांसदों ने दोनों को घेर लिया और बाद में दोनों को पकड़ लिया गया।
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कौन हैं? Parliament पर attack करने वाले

अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक Parliament की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले छह लोग हैं जो देश के अलग-अलग शहरों से हैं और इन्होंने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म (Social media) के जरिए बातचीत कर इस घटना को अंजाम देने की साजिश रची थी। ये सभी लोग हरियाणा के गुरुग्राम में एक फ्लैट में जमा हुए।
इन छह लोगों में से दो – मनोरंजन डी और सागर शर्मा दर्शक दीर्घा से लोकसभा कक्ष में कूद गए और धुएं के केन से स्प्रे किया, जिससे वहाँ मौजूद सांसदों में दहशत फैल गई। देसरी तरफ, उनके साथियों- नीलम और अमोल शिंदे ने संसद भवन के बाहर केन से रंगीन धुआं छोड़ा और नारेबाजी की, जबकि ललित इस घटना का वीडियो बनाता रहा फिर वहाँ से फरार हो गया और विशाल शर्मा पर उनका सहयोग करने का आरोप है।
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दर्शक दीर्घा से छलांग लगाने वालों में मनोरंजन डी कर्नाटक के मैसूरु का रहने वाला है उसने 2016 में B.E. (बैचलर इन इंजीनियरिंग) पूरा किया और कुछ समय से अपने परिवार के साथ खेतीबाड़ी का काम कर रहा था. मनोरंजन के परिवार ने बताया कि उसने दिल्ली और बेंगलुरु में कुछ फर्मों में नौकरी भी की है।
दर्शक दीर्घा से छलांग लगाने वालों में देसरा सागर शर्मा लखनऊ का रहने वाला है जो रिक्शा कहलाता है और उसके परिजनों ने बताया कि वह कुछ दिन पहले ‘दिल्ली में विरोध प्रदर्शन’ में भाग लेने के लिए घर से निकला था।
संसद के बाहर की घटना में दिल्ली पुलिस ने जिन दो लोगों को हिरासत में लिया है, इनके नाम नीलम और अनमोल शिंदे है। नीलम देवी 42 साल की महिला है, वो हरियाणा के हिसार की रहने वाली है, नीलम देवी एक शिक्षिका हैं और सिविल सर्विसेज की पढ़ाई कर रही हैं।।
दूसरे आरोपी का नाम अनमोल शिंदे है, वह महाराष्ट्र के लातूर का रहने वाला है, इसकी उम्र 25 साल है।
ललित झा ने बंगाल के एक एनजीओ के महासचिव के रूप में काम किया है, वह समाज सेवा का काम करता था, उसने इस घटना का वीडियो बनाया और वह सभी के मोबाईल फोन लेकर फरार बताया जा रहा है।
विशाल शर्मा गुरुग्राम का रहने वाला है, बताया गया कि ये सभी गुरुग्राम के सेक्टर- 7 में विशाल शर्मा और उसकी पत्नी राखी के किराए के घर पर ही ठहरे थे। विशाल शर्मा और उसकी पत्नी राखी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
क्यों किया Attack?

संसद के बाहर प्रदर्शन करने वाले नीलम और अनमोल शिंदे ने कलर गैस छोड़ने के बाद भारत माता की जय, जय भीम, तानाशाही नहीं चलेगी जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी बात नहीं सुनी जा रही है, जिसकी वजह से उन्होंने ये कदम उठाया।
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बताया जाता है कि संसद के भीतर पकड़े गये मनोरंजन डी और सागर शर्मा को कुछ सांसदों ने धोया जिसके बाद वो रोने लगे। Parliament मे मौजूद सांसदों के अनुसार, जब हमने उन्हे सुरक्षाकर्मियों को हैंडओवर किया, तब वो रो रहे थे और बोल रहे थे कि हम सिर्फ प्रदर्शन करने आये हैं, हमने उन्हे तुरंत पकड़ा और हाथ-पैर बांधने की कोशिश की।
Attack के बाद क्या हुआ?

सांसदों ने दोनों लोगों पकड़ लिया और सुरक्षाकर्मियों के हवाले कर दिया और लोकसभा की कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया।
जिस वक़्त हमला हुआ, उस वक्त राजेंद्र अग्रवाल स्पीकर की कुर्सी पर थे उन्होंने कहा, “दर्शक दीर्घा से एक व्यक्ति गिरा, हमें ऐसा लगा कि वो गिरा है, मगर दूसरा व्यक्ति रेलिंग पकड़कर कूद रहा था, तो ध्यान में आया कि दोनों ही कूदे होंगे। उसमें से एक ने जूते में कोई चीज निकालकर धुआं फैलाया, चिट-पिट की आवाज़ हुई, बाद में सुरक्षाकर्मियों ने उनको पकड़ लिया, उनको लेकर गए। अब पता चलेगा कि कौन हैं? कहां से आए? किस संगठन से थे?
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Parliament मे हुई घटना के बाद सांसदों के मन में बैठी दहशत उनकी प्रतिक्रिया में साफ दिखाई दी। तृणमूल कांग्रेस के सांसद सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा कि यह बहुत भयावह अनुभव था, किसी को नहीं मालूम था कि इनका निशाना क्या था और यह लोग ऐसा क्यों कर रहे थे। बसपा सांसद मलूक नागर ने मीडिया को बयान दिया, इस घटना में पहला ख्याल आया कि उसकी नीयत खराब है, हम जिंदा बचेंगे कि नहीं, कहीं इसके पास हथियार न हो। वह कुछ करता, उससे पहले सांसद उस पर टूट पड़े।
सुरक्षा चूक पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा, “शून्यकाल के दौरान हुई घटना की लोकसभा अपने स्तर पर संपूर्ण जांच कर रही है, इस संबंध में दिल्ली पुलिस को भी जरूरी निर्देश दे दिए गए हैं। प्राथमिक जांच के अनुसार यह सिर्फ साधारण धुआं था इसलिए यह धुआं चिंता का विषय नहीं है।
सुरक्षा पर उठे सवाल

13 दिसंबर 2001 को जब देश की पुरानी संसद पर आतंकवादियों ने हमला किया था तो हर कोई दंग रह गया था, ठीक 22 साल बाद बुधवार,13 दिसंबर 2023 को Parliament पर, आतंकी हमले की बरसी वाले दिन, लोकतंत्र के मंदिर (नये संसद भवन) की सुरक्षा को ठेंगा दिखाते हुए दो लोग घुस आते हैं और लोकसभा को धुआं-धुआं कर देते हैं, हालांकि इस हमले में किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा लेकिन सुरक्षा को लेकर सवाल जरूर उठने लगे हैं।
कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि हमने कई मामले उठाए, उन्होंने कहा, ” सदन में कूदकर आने वाले शख्स का समय खत्म होने के बाद भी वो कैसे यहां ठहरे रहे? साल 2001 में जो सदन में आतंकवादी हमला हुआ तो सुरक्षाकर्मी और निहत्थे लोगों ने इस अटैक को रोका था। सुबह ही इसकी बरसी थी, कई दिनों से चर्चा थी कि कोई आतंकी संगठन सदन में हमला कर सकता है, ये जानटे हुये भी सूरक्षा में इतनी बड़ी चूक क्यों हुई?
Parliament attack 2001 Vs 2023

Parliament पर हमले की 22वीं बरसी पर आज (बुधवार) संसद भवन की सुरक्षा में बड़ी चूक का मामला सामने आया है. गौरतलब है, कि आज ही के दिन 22 साल पहले 13 दिसंबर 2001 में भी एक बड़ा आंतकी हमला हुआ था।
Parliament Security Breach – पाकिस्तानी आतंकियों ने 13 दिसंबर 2001 को भारतीय संसद परिसर पर हमला किया था। इस आतंकी हमले में दिल्ली पुलिस के कई जवान समेत 9 लोग शहीद हुए थे। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने पांचों आतंकवादियों को मार गिराया था।
इस मामले मे BJD सांसद ने कहा कि ये एक अलग तरह का उल्लंघन था, इसमें दोनों घुसपैठिए भारतीय हैं। इस बार संसद के सदस्यों ने ही घुसपैठियों को पकड़कर कर्मचारियों के हवाले किया, उन्होंने कहा कि ये गंभीर मामला है लेकिन इसकी तुलना 2001 से नहीं की जानी चाहिए।
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BJP सांसद राजीव प्रताप रूडी दोनों घटनाओं के दिन संसद में मौजूद थे। उन्होंने बताया कि 2001 वाला हमला सशस्त्र आतंकवादियों ने किया था जिन्हें सुरक्षा बलों ने सदन में घुसने से पहले ही मार डाला, वो पूरी तरह से आतंकवादी हमला था। उन्होंने कहा कि उस दिन हमले के वक्त वो आडवाणी जी के साथ एक बैठक में थे, तभी उन्होंने कुछ आवाजें सुनीं और टीवी पर हमले की खबर देखी। उन्होंने कहा कि ताजा मामला विरोध में किया गया उल्लंघन जैसा लगता है।
शिवसेना गुट में यवतमाल-वाशिम की सांसद भावना गवली ने दोनों घटनाओं को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है, उन्होंने सुझाव दिया कि या तो विजिटर गैलरी को बंद कर दिया जाना चाहिए या वहां कांच की दीवार होनी चाहिए। दिसंबर 2001 में जब आतंकवादियों ने हमला हुआ था तो भावना गवली संसद से जा चुकी थीं।